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Showing posts from July, 2023

Healthy Indian foods(स्वस्थ भारतीय भोजन)

Healthy Indian foods(स्वस्थ भारतीय भोजन)   भारतीय व्यंजन स्वस्थ भोजन विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं जो न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि पौष्टिक भी हैं। यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं: 1. दाल (दाल): दाल भारतीय व्यंजनों का प्रमुख हिस्सा है और पौधे-आधारित प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है। इसमें वसा कम और फाइबर अधिक होता है, जो इसे एक स्वस्थ विकल्प बनाता है। विभिन्न व्यंजनों में विभिन्न प्रकार की दालों का उपयोग किया जाता है, जैसे दाल तड़का, दाल मखनी और सांबर। 2. सब्जी करी: भारतीय सब्जी करी, जैसे आलू गोभी (आलू और फूलगोभी करी), बैंगन भरता (भुनी हुई बैंगन करी), और पालक पनीर (पालक और पनीर करी), विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। इन्हें आम तौर पर विभिन्न प्रकार के मसालों और जड़ी-बूटियों के साथ पकाया जाता है, जिससे स्वाद और स्वास्थ्य लाभ दोनों जुड़ जाते हैं। 3. तंदूरी ग्रिल्ड चिकन/मछली: तंदूरी व्यंजनों को दही और मसालों में मैरीनेट किया जाता है और फिर पारंपरिक मिट्टी के ओवन में ग्रिल किया जाता है। तंदूरी चिकन या मछली दुबले प्रोटीन विकल्प की तलाश करने वालों के लिए एक लोकप्रिय...

Benefits of Vitamins (विटामिन का लाभकारी)

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   Benefits of Vitamins (विटामिन का लाभकारी) विटामिन आवश्यक पोषक तत्व हैं जिनकी हमारे शरीर को विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। वे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां विभिन्न विटामिनों से जुड़े कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं: 1. विटामिन ए: दृष्टि का समर्थन करता है, स्वस्थ त्वचा बनाए रखने में मदद करता है, प्रतिरक्षा समारोह को बढ़ावा देता है, और वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।   2. बी विटामिन: कई बी विटामिन हैं, जिनमें बी1 (थियामिन), बी2 (राइबोफ्लेविन), बी3 (नियासिन), बी5 (पैंटोथेनिक एसिड), बी6 (पाइरिडोक्सिन), बी7 (बायोटिन), बी9 (फोलेट), और बी12 शामिल हैं। (कोबालामिन)। बी विटामिन भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करते हैं, मस्तिष्क के कार्य में सहायता करते हैं, लाल रक्त कोशिका उत्पादन को बढ़ावा देते हैं और एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र के रखरखाव में शामिल होते हैं। 3. विटामिन सी: एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है, घाव भरने को बढ़ावा देता है, लौह अवशोषण में सहाय...

Protein (प्रोटीन)

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 Protein (प्रोटीन) प्रोटीन क्या है? विश्व में प्रत्येक प्राणी कोशिकाओं से बना है। कोशिकाएं जीवन की आधारभूत इकाईया है और इन कोशिकाओं की संरचना का एक बड़ा हिस्सा प्रोटीन से बना होता है। हमारे शरीर में 1000 खरब (104) कोशिकाएं हैं। नई कोशिकाओं का निर्माण और पुरानी कोशिकाओं के नष्ट होने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। लेकिन, भोजन में प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता जिसके कारण शरीर के विभिन्न कार्य बाधित हो जाते हैं। प्रोटीन की संरचना का आधार, एमिनो एसिड नामक अणुओं की एक श्रृंखला होती है। पाचन के दौरान आहार में शामिल प्रोटीन, विभिन्न एमीनो एसिड अणुओं में विघटित हो जाते हैं और उपयोग के लिए निवर में अवशोषित व संग्रहित हो जाते हैं। शरीर इन एमीनो एसिड अणुओं का आवश्यकतानुसार उपयोग प्रोटीन के निमार्ण में करता है। जो एमिनो एसिड प्रोटीन के निर्माण में इस्तेमाल नहीं होते, वे विघटित होकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। 1 ग्राम प्रोटीन 4 किलो कैलोरी ऊर्जा प्रदान करता है। प्रोटीन के क्या कार्य हैं? शरीर के बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में व्यापक रूप से उपयोगी प्रोट...

व्यायाम (Exercise)

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  व्यायाम (Exercise) शारीरिक फिटनेस, स्वास्थ्य व खुशहाली के लिए व्यायाम ज़रूरी है। नियमित शारीरिक व्यायाम रक्त परिसंचरण बढ़ाने, मसल्स व हृदय की मज़बूती व वजन प्रबंधन, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय-रोग व मानसिक रोगों जैसी कई बीमारियों के लिए प्रभावशाली चिकित्सा है। साथ ही यह रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को बढ़ावा देता है। व्यायाम करने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और सेरोटोनिन नामक हॉर्मोन का स्राव होता है जो शांत व खुश रहने में हमारी मदद करता है। सकारात्मक व्यक्ति सुख, स्वास्थ्य और सफलता की आशा करता है और किसी भी कठिनाई का समाधान करने के लिए आश्वस्त होता है। एक आशावादी दिमाग अपने लक्ष्य को पाने की दिशा में अधिक कुशलता से कार्य करता है और धनी बनना, स्वास्थ्य लाभ, काम में सफलता, आदि किसी भी लक्ष्य के रास्ते में आने वाली हर बाधा का समाधान ढूंढ निकालता है। व्यायाम 3 तरह के होते 1 . हृदय तथा फेफड़ों के लिए - 6000 कदम   चलना और 250 सीढ़ियां चढ़ना (दिन भर में कुल) 2 . शरीर को लचीला रखने के लिए - योगासन व शरीर को खींचनें वाले व्यायाम (स्ट्रेचिंग) 3 . स्नायुओं को ताकत देने के ल...

प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)

प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) प्रोजेस्टेरोन शरीर में आंतरिक रूप से बनने वाला एक स्टेरॉयड हॉर्मोन है और महिलाओं में मासिक चक्र व गर्भावस्था के नियमन और भ्रूण के विकास में सहायक होता है। प्रोजेस्टेरोन महिलाओं में युवावस्था की शुरुआत से लेकर मेनोपॉज के समय तक अंडाशय (ओवरी) में काफी मात्रा में निर्मित होता है। गर्भावस्था के दौरान, गर्भ को पूरी अवधि तक सुरक्षित रखने के लिए ओवरी तथा प्लेसेंटा (मां व भ्रूण के बीच पोषक तत्वों के आदान-प्रदान के लिए गर्भावस्था में बनने वाली विशिष्ट गर्भनाल) के द्वारा सतत बढ़ती मात्रा में प्रोजेस्टेरोन का निर्माण होता है। प्रोजेस्टेरोन गर्भावस्था में भ्रूण के विकास से संबंधित कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है व गर्भावस्था के दौरान इसका उच्च स्तर स्तनों में दूध उतरने नहीं देता। गर्भावस्था के अंतिम चरण में प्रोजेस्टेरोन का स्तर धीरे-धीरे घटता है जो प्रसव की शुरूआत में मदद करता है। प्रसव के बाद प्रोजेस्टेरोन के स्तर घटने से स्तनों में दूध बनने लगता है। प्रोजेस्टेरोन व प्रोलैक्टिन (स्तनपान के दौरान स्तनों में दूध उतरने में मदद करने वाला हॉर्मोन) मिलकर महिलाओं...